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Welcome to my blog LAMHE
दिल ने जिस लम्हा जो महसूस किया है मैंने उस अहसास को अल्फ़ाज़ में पिरोने की कोशिश की है|
और ऐसे ही अहसासात और लम्हात का इक गाँव बसाया है जिसे मैंने नाम दिया है "लम्हे"
आपसे उम्मीद है कि मेरी ख़ामियों के लिए आप मुझे मुआफ़ करेंगे.
आपसे एक इल्तजा और कि ये लम्हे मेरा ख़ज़ाना है इन्हें यहाँ से कॉपी करके sms या Email न करें|
लम्हे तक आने के लिए शुक्रिया
रवि





Monday, March 15, 2010

आईनापन

इसको मेरे जैसा या फिर मुझको ऐसा कर दे|
दुनिया और मुझको लेकिन  इक जैसा करदे||

सच कहने के एवज़ में दुनिया शूल चुभोये ना|
या मेरे दिल के भीतर तु कालिख जैसा भर दे||

सब ज़ख्मों का सबब है, दिल का आईनापन|
एहसास छीनकर दिल को पत्थर जैसा कर दे
 

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