बातों का जादूगर है वो जादू वाले बांण चला देता है,
वो अच्छा लगता है
झूठे ही सही पर अपनेपन एहसास करा देता है,
वो अच्छा लगता है
जूझ रही है सारी दुनिया कल के गुणा भाग से जबकि
इतना काफी है मेरी खातिर,वो मेरा आज सजा देता है
वो अच्छा लगता है
काला जादू है या क्या है , उसकी उन दो आँखों में
धोखा भी देता है तो ऐसे, कि एहसान चढा देता है
वो अच्छा लगता है
ये हद-ऐ- मुहब्बत है मेरी या हुनर उसकी गुफ्तगू का है
मेरे सूरज भी जुगनू लगते हैं, जो वो चराग जला देता है
वो अच्छा लगता है
वो मुश्किल भी जो, हर मुश्किल से बड़ी लगती है मुझको
एक पल में हवा हो जाती है, जो मुझे सीने से लगा लेता है
वो अच्छा लगता है
चर्चा है शहर भर में कि वो बदनाम सी एक शै है महज़
मुझको तो दिखाई लेकिन, उसकी आँखों में खुदा देता है
वो अच्छा लगता है
वो अच्छा लगता है
झूठे ही सही पर अपनेपन एहसास करा देता है,
वो अच्छा लगता है
जूझ रही है सारी दुनिया कल के गुणा भाग से जबकि
इतना काफी है मेरी खातिर,वो मेरा आज सजा देता है
वो अच्छा लगता है
काला जादू है या क्या है , उसकी उन दो आँखों में
धोखा भी देता है तो ऐसे, कि एहसान चढा देता है
वो अच्छा लगता है
ये हद-ऐ- मुहब्बत है मेरी या हुनर उसकी गुफ्तगू का है
मेरे सूरज भी जुगनू लगते हैं, जो वो चराग जला देता है
वो अच्छा लगता है
वो मुश्किल भी जो, हर मुश्किल से बड़ी लगती है मुझको
एक पल में हवा हो जाती है, जो मुझे सीने से लगा लेता है
वो अच्छा लगता है
चर्चा है शहर भर में कि वो बदनाम सी एक शै है महज़
मुझको तो दिखाई लेकिन, उसकी आँखों में खुदा देता है
वो अच्छा लगता है



