ज़िन्दगी
रूठी हुई कोई प्रेमिका सी होती तू
तो मना भी लेता तुझको
रूठी हुई प्रेमिका अपनी सी तो लगती है
मुझे मालूम तो रहता है
क्या कहके हंसा दूंगा उसको
क्या कहके मना लूँगा उसको
तू जो रूठे
तो तेरे छोर पकडना मुश्किल हो जाता है
तू जो रूठे
तो तेरे उलझे हुए से धागों को
फिर से बुनना मुश्किल हो जाता है
तू जो रूठे तो बखुदा
बड़ी अजनबी सी लगती है
रूठी हुई कोई प्रेमिका सी होती तू
तो मना भी लेता तुझको
रूठी हुई प्रेमिका अपनी सी तो लगती है
मुझे मालूम तो रहता है
क्या कहके हंसा दूंगा उसको
क्या कहके मना लूँगा उसको
तू जो रूठे
तो तेरे छोर पकडना मुश्किल हो जाता है
तू जो रूठे
तो तेरे उलझे हुए से धागों को
फिर से बुनना मुश्किल हो जाता है
तू जो रूठे तो बखुदा
बड़ी अजनबी सी लगती है

bhai lamhe ke lamhon ka jikra kaaphi achha....
ReplyDeleteaur ek baat....agar koi copy kar ke dale bhi kahin to usmen -srijak kaa naam jarur daale.
thanks
ReplyDelete