Tuesday, March 9, 2010
काश तू मेरा हो जाये
मेरी उदास आँखों में चंद सपनो का बसेरा हो जाये,
काश.... तू मेरा हो जाये
तेरी पलकों में सूरज खिले
मेरी रातों का सवेरा हो जाये
काश..... तू मेरा हो जाये......
किसी और के हाथों की तू लकीर सही
इस दिल के हाथों मगर मजबूर हूँ में
उम्र भर न सही चंद लम्हों को सही
मेरी लकीरों में तेरा डेरा हो जाये
काश.... तू मेरा हो जाये .....
ये कतरा कतरा जीना ये बोझिल साँसों की तिजारत
जाने कब तक यूँ ही ढोनी हो
में तेरी बाँहों के दायरों में सिमटु जब
खत्म जिंदगी का फेरा हो जाये
काश... तू मेरा हो जाये ..........
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