मेरी बिट्टो
चंचल सी तुम्हारी आँखों में,
जब नन्हें ख़्वाब कुलाँचे भरते हैं,
पलकों में उलझकर ख़्वाब कई,
जब संग तुम्हारे सोते जगते हैं,
जब तुतला तुतला कर,
तुम मुझसे बातें करती हो,
जब नन्हें होठों को तुम,
मेरे गालों पर रखती हो,
उस पल
अपने सारे गम,सारे ज़ख्मों को,
मैं पल में भुला देता हूँ,
मेरी आँखों के वो ख़्वाब कई,
जिनकी साँसे उखड रही हैं,
फिर से ज़िंदा हो जाते हैं.
फिर से ख्वाहिश, जीवन जीने की
इस दिल में जवां हो जाती है.
चंचल सी तुम्हारी आँखों में,
जब नन्हें ख़्वाब कुलाँचे भरते हैं,
पलकों में उलझकर ख़्वाब कई,
जब संग तुम्हारे सोते जगते हैं,
जब तुतला तुतला कर,
तुम मुझसे बातें करती हो,
जब नन्हें होठों को तुम,
मेरे गालों पर रखती हो,
उस पल
अपने सारे गम,सारे ज़ख्मों को,
मैं पल में भुला देता हूँ,
मेरी आँखों के वो ख़्वाब कई,
जिनकी साँसे उखड रही हैं,
फिर से ज़िंदा हो जाते हैं.
फिर से ख्वाहिश, जीवन जीने की
इस दिल में जवां हो जाती है.
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