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Welcome to my blog LAMHE
दिल ने जिस लम्हा जो महसूस किया है मैंने उस अहसास को अल्फ़ाज़ में पिरोने की कोशिश की है|
और ऐसे ही अहसासात और लम्हात का इक गाँव बसाया है जिसे मैंने नाम दिया है "लम्हे"
आपसे उम्मीद है कि मेरी ख़ामियों के लिए आप मुझे मुआफ़ करेंगे.
आपसे एक इल्तजा और कि ये लम्हे मेरा ख़ज़ाना है इन्हें यहाँ से कॉपी करके sms या Email न करें|
लम्हे तक आने के लिए शुक्रिया
रवि





Wednesday, June 8, 2011

एक और जलियाँवाला


आओ गायें, सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा|
कल दिल्ली में देखा हमने जलियाँवाला बाग  दुबारा||

जिस कसाब की गोलियाँ भारत का सीना छलनी कर जाती हैं,
उसकी आवभगत में सरकारें, दस करोड़ के बिल भी चुकाती हैं,
पर सत्याग्रह करने की खातिर जो माँताएं बहने दिल्ली जाती हैं,
उन सोये हुए सत्याग्रहियों पर, सरकार डंडे,आँसूगैस चलाती है.

सारे जहाँ से अच्छा .....

अमेरिका के जांबाज़ सिपाही जब  लादेन को मार गिराते हैं,
हमारे एक मंत्री जी उस दहशतगर्द के हक़ की बात उठाते हैं,
पर जब मंहगाई,भ्रष्टाचार की मारी जनता अपना दर्द सुनाती है,
तब भोली जनता की चीखों में भी उनको षड्यंत्र नज़र आते हैं. 

सारे जहां से अच्छा......

इस पर भी बात करेंगे हम बाबा पाक साफ़ हैं,योगी है या ठग हैं, 
लेकिन ये भी सोचो, उनकी माँगें क्या नाजायज़ है क्या नाहक हैं,
अपने देश का काला धन वापस आये, भ्रष्ट तंत्र से मुक्त हों हम.
ये आवाज़ उठाना नाजायज़ कैसे? ये हर हिन्दुस्तानी का हक़ है
आओ हम फिर से बनायें    सारे जहाँ से अच्छा ..... 

1 comment:

  1. 4-6-2001 की रात में रामदेव के अनशन में शामिल हुए लोगों पर दिल्ली के रामलीला मैदान में सोये हुए और निहत्थे लोगों पर लाठीचार्ज कराया उससे जलियाँवाला बाग की यादे एक बार फिर ताज़ा हो आयीं

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