ज़िन्दगी तू बेवफा है ,
तू किसी की दोस्त नहीं हो सकती
तू हिटलर है ,तू तुग़लक है,
तू तानाशाह है बस
ज़िन्दगी तू दोस्त नहीं हो सकती
सूरज से मरासिम थे जिनके
जिनकी हमसफ़र थी चाँदनी
उनकी आँखें भी अब
क़तरा भर रौशनी की मुंतज़िर है
जिनके घर में तलाशा करती थी
ज़िन्दगी घरौंदे अपने
आज वो कहने को महज़ ज़िंदा भर हैं
शोहरत के मीनारों पर जिनके परचम लहराते थे
जिन्हें देखकर लाखों दिल धक से धड़क जाते थे
उन राजकिरण को आज ज़िन्दगी
पागलखाने ले आई है
उनके होठों पर है ख़ामोशी
आँखों में बस तन्हाई है
ज़िन्दगी तू दोस्त नहीं हो सकती
तू हिटलर है , तू तुग़लक है,
तू तानाशाह है बस
तू किसी की दोस्त नहीं हो सकती
तू हिटलर है ,तू तुग़लक है,
तू तानाशाह है बस
ज़िन्दगी तू दोस्त नहीं हो सकती
सूरज से मरासिम थे जिनके
जिनकी हमसफ़र थी चाँदनी
उनकी आँखें भी अब
क़तरा भर रौशनी की मुंतज़िर है
जिनके घर में तलाशा करती थी
ज़िन्दगी घरौंदे अपने
आज वो कहने को महज़ ज़िंदा भर हैं
शोहरत के मीनारों पर जिनके परचम लहराते थे
जिन्हें देखकर लाखों दिल धक से धड़क जाते थे
उन राजकिरण को आज ज़िन्दगी
पागलखाने ले आई है
उनके होठों पर है ख़ामोशी
आँखों में बस तन्हाई है
ज़िन्दगी तू दोस्त नहीं हो सकती
तू हिटलर है , तू तुग़लक है,
तू तानाशाह है बस

सुंदर शब्द योजब=ना और विचारोत्तेजक भाव से लिखी गई नज़म अपना संदेश छोड़ती है।
ReplyDeleteWow Great Lines
ReplyDeleteशुक्रिया मनोज जी दिनेश जी, आपकी हौसलाफजाई मुझे हिम्मत देती है
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