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Welcome to my blog LAMHE
दिल ने जिस लम्हा जो महसूस किया है मैंने उस अहसास को अल्फ़ाज़ में पिरोने की कोशिश की है|
और ऐसे ही अहसासात और लम्हात का इक गाँव बसाया है जिसे मैंने नाम दिया है "लम्हे"
आपसे उम्मीद है कि मेरी ख़ामियों के लिए आप मुझे मुआफ़ करेंगे.
आपसे एक इल्तजा और कि ये लम्हे मेरा ख़ज़ाना है इन्हें यहाँ से कॉपी करके sms या Email न करें|
लम्हे तक आने के लिए शुक्रिया
रवि





Saturday, September 21, 2013

ॐ जय प्याज हरे

ॐ जय प्याज हरे मैया जय जय प्याज हरे|
रंक हो या हो राजा सब तुम्हरे चरण पड़े||

जिस के भी द्वार तुम्हारे पावन चरण पड़े| मैया...
आस पड़ोस में उसका मान सम्मान बढे || ॐ जय ...

जयकारा छिलके वाली का

"जिनके दर पे झुकती थी दुनिया वो सर झुकाए बैठे हैं
कुर्सी बचाने की खातिर दरबार में हाजरी लगाये बैठे हैं
तुम्हारी महिमा का जलवा ये है ये ए मेरी प्याज माँ
दिल्ली के C.M, PM. तुम्हारी दुकान लगाये बैठे हैं"

प्रेमी युगल ये सोचें उनका यूँ प्यार बढे| मैया .
जैसे रेट तुम्हारा दिन और रात बढे ||

जिसके घर में तुम्हारी खपत ज़रा सी बढे| मैया
इनकम टेक्स का छापा उसके घर में पड़े ॐ

प्याज मैया जी की आरती जो कोई नर गावे| मैया
उसकी रसोई में हर दिन प्याज नज़र आवे || ॐ

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