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Welcome to my blog LAMHE
दिल ने जिस लम्हा जो महसूस किया है मैंने उस अहसास को अल्फ़ाज़ में पिरोने की कोशिश की है|
और ऐसे ही अहसासात और लम्हात का इक गाँव बसाया है जिसे मैंने नाम दिया है "लम्हे"
आपसे उम्मीद है कि मेरी ख़ामियों के लिए आप मुझे मुआफ़ करेंगे.
आपसे एक इल्तजा और कि ये लम्हे मेरा ख़ज़ाना है इन्हें यहाँ से कॉपी करके sms या Email न करें|
लम्हे तक आने के लिए शुक्रिया
रवि





Tuesday, April 2, 2013

मुहब्बत


मैं ऐसा तो ना था
जैसा बना दिया है मुझको
तेरी चाहत के गुरूर ने
तेरी खुश्बू के सुरूर ने
तेरे दीदार की ख्वाहिशों ने
तेरी नज़रों की फरमाइशों ने
तेरे सजदों की पाकीज़गी ने
तेरे किरदार की संजीदगी ने
तेरे एतबार की मासूमियत ने
तेरे ख़्वाबों की रंगीनियत ने
तेरी नाराज़गी के दर्द-ओ-गम ने
मुझको रो रो के मनाने के तेर ढंग ने
तुझको पा लेने के मसर्रत-ओ-खुमार ने
तुझको खो देने की दहशत बेशुमार ने
सच कहते हैं लोग
मुहब्बत कमाल की शै है ...

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