1.txt
Welcome to my blog LAMHE
दिल ने जिस लम्हा जो महसूस किया है मैंने उस अहसास को अल्फ़ाज़ में पिरोने की कोशिश की है|
और ऐसे ही अहसासात और लम्हात का इक गाँव बसाया है जिसे मैंने नाम दिया है "लम्हे"
आपसे उम्मीद है कि मेरी ख़ामियों के लिए आप मुझे मुआफ़ करेंगे.
आपसे एक इल्तजा और कि ये लम्हे मेरा ख़ज़ाना है इन्हें यहाँ से कॉपी करके sms या Email न करें|
लम्हे तक आने के लिए शुक्रिया
रवि





Tuesday, April 2, 2013

हौसला

मुश्किलों में हौसलों का सिलसिला रखना
अपनी पलकों पर ख़्वाबों का काफिला रखना

भले दिल में हों तेरे कितनी भी तन्हाईयाँ
बंद कमरों से मगर एक फासला रखना

पाँव भले ही ज़ख़्मी हों किस्मत के काँटों से
मुस्कराहट से मगर चेहरा धुला रखना

मचल उठ्ठे तुझे पाने की खातिर जाने कब
ज़िन्दगी की आमद को बस दर खुला रखना

हारने या जीतने से भी ज़रूरी है
ज़िन्दगी के युद्ध में खुद को खड़ा रखना

No comments:

Post a Comment