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Welcome to my blog LAMHE
दिल ने जिस लम्हा जो महसूस किया है मैंने उस अहसास को अल्फ़ाज़ में पिरोने की कोशिश की है|
और ऐसे ही अहसासात और लम्हात का इक गाँव बसाया है जिसे मैंने नाम दिया है "लम्हे"
आपसे उम्मीद है कि मेरी ख़ामियों के लिए आप मुझे मुआफ़ करेंगे.
आपसे एक इल्तजा और कि ये लम्हे मेरा ख़ज़ाना है इन्हें यहाँ से कॉपी करके sms या Email न करें|
लम्हे तक आने के लिए शुक्रिया
रवि





Monday, December 27, 2010

एक अहसास

एक अनकहा सा अहसास

जो तेरे मेरे दरमियाँ
बिखरा रहता है फ़िज़ा में

अल्फ़ाजों की शक्ल धरेगा अगर

मुझको डर है
अपनी मुलायमियत वो खो बैठेगा

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